::: Main ik mudat se jisko khojta hooN Wo ik muddat se mere sath hi tha..!! :::
बुधवार, 30 जून 2010
ज़रूरत
[१]
फैलती जाती है
ज़िंदगी
सिकुड़ता जाता है
तुम्हारा चेहरा
[२]
दौड़ते रहना
बदस्तूर जारी है
ये मुक़द्दर भी है..
आदत भी...
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