बुधवार, 30 जून 2010

ज़रूरत

[१]
फैलती जाती है
ज़िंदगी
सिकुड़ता जाता है
तुम्हारा चेहरा






[२]
दौड़ते रहना
बदस्तूर जारी है
ये मुक़द्दर भी है..
आदत भी...