::: Main ik mudat se jisko khojta hooN Wo ik muddat se mere sath hi tha..!! :::
बुधवार, 30 जून 2010
आँसू
[१]
किस से
कहा सुनी हुई थी
आसमान की
रात
सुब्ह
बड़ी धुली धुली सी है
[२]
रात
मोती
बना रहा हूँ
कभी मिलना
अपनी दौलत
ले लेना
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