::: Main ik mudat se jisko khojta hooN Wo ik muddat se mere sath hi tha..!! :::
बुधवार, 30 जून 2010
:::: रोईद: ::.... 3
क्या है तेरा..क्या है मेरा सब फानी
लिखने वाले ने है लिखा सब फानी
वही से उठना..वही पे गिरना तय है सब
फिर आख़िर में..गिरना उठना सब फानी
आँखों में तस्वीर कहाँ तक रख पाते..
तेरा चहरा मेरा चहरा सब फानी
कांसा ले कर मस्तो गाता निकला है
रुपया पैसा जेवर कपड़ा सब फानी
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